जगद्गुरु रामभद्राचार्य महाराज का सनातन परंपरा के संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान – भारतीय संस्कृति में यज्ञ का विशेष महत्व: मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा

मुख्यमंत्री रामभद्राचार्य जी से आशीर्वाद लेते हुए

1008 कुंडिय श्री हनुमान महायज्ञ का शुभारंभ, अयोध्या नगरी बना सीकर रोड*

जयपुर। छोटी काशी जयपुर में सीकर रोड स्थित नींदड़ में जगतगुरु रामभद्राचार्य के सानिध्य एवं मार्गदर्शन में जय श्री राम के जयकारों के साथ 1008 श्री हनुमत महायज्ञ एवं श्री राम कथा का शुभारंभ किया गया।
दोपहर 12 बजे मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सह परिवार कथा स्थल पहुंचकर जगद्गुरु रामभद्राचार्य से आशीर्वाद प्राप्त कर 1008 कुंडीय श्री हनुमान महायज्ञ में आहुति दी। इस मौके पर सायंकाल 5 बजे उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भी श्री राम कथा पहुंचकर श्री राम कथा का श्रवण किया।

विरह की अग्नि में तप रहे हनुमान जी को श्री राम ने लगाया गले*
10 दिवसीय कथा के प्रथम दिन किष्किंधा के कांड का वर्णन कर श्री राम कथा का शुभारंभ किया। श्री रामभद्राचार्य के द्वारा यह 1412वीं कथा की शुरुआत की।
कथा के प्रथम दिवस पर भगवान श्री राम के जन्म के उद्देश्य, उनके दिव्य स्वरुप एवं सूर्यवंश की महिमा के साथ किया गया। इस अवसर पर हनुमान जी के भजन आओ आओ हनुमान दुलारू मैं तुम्हें…, भजन से कर कथा का शुभारंभ कर हनुमान जी के बाल्यावस्था का वर्णन किया। इसके बाद हनुमान जी का भगवान श्री राम से मिलान करवाया। श्री राम से मिलने के लिए विरह की अग्नि में तप रहे हनुमान जी को प्रभु श्री राम ने अपने गले लगा कर अपने आंसुओं से हनुमान जी को नहला कर शीतल कर दिया।
*चारों युग प्रताप तुम्हारा है प्रसिद्ध जगत उजियारा

कथा में महाराज ने रामायण की चौपाइयां गई तो श्रोता झूम उठे। महाराज जी ने कहा की चारों युग प्रताप तुम्हारा है प्रसिद्ध जगत उजियारा…, कलयुग में हनुमान जी ही करेंगे सभीकी रक्षा।

विश्वकल्याण के लिए दी हवन में आहूति

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा सीकर रोड़ स्थित नींदड़ में 1008 कुण्डीय हनुमान महायज्ञ और श्रीराम कथा में शामिल हुए। उन्होंने जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य जी के सानिध्य में सपरिवार मंत्रोच्चार के साथ विश्वकल्याण के लिए हवन में आहूति भी दी।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि रामभद्राचार्य महाराज का भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा के संरक्षण और संवर्धन में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ की भावना के अनुरूप यज्ञ विधि से कार्य किया जाता है। विश्व कल्याण और राज्य के विकास के लिए स्वामी रामभद्राचार्य जी का यह यज्ञ अत्यंत महत्वपूर्ण है। यज्ञ के माध्यम से सद्भावनाएं सशक्त होती हैं।

रामभद्राचार्य महाराज ने कहा कि यह यज्ञ भारत को सबसे बड़ी आर्थिक शक्ति बनाने की कामना से किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह यज्ञ देश को अखण्ड, अजय और सशक्त बनाने के साथ-साथ सभी श्रद्धालुओं की मनोकामनाओं को पूरा करने के उद्देश्य से आयोजित किया जा रहा है। महाराज जी ने मुख्यमंत्री श्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में प्रदेश की समृद्धि और प्रगति की कामना भी की।

श्री राम कथा के स्टेज का मुख्य आकर्षण निर्भय वाधवा रहें। जिन्होंने संकट मोचन महाबली हनुमान एवं श्री रामायण सहित अनेक धार्मिक सीरियलों में काम किया। पूरी कथा में वाधवा हनुमान की वेशभूषा में खड़े रहकर समय समय पर जय श्री राम के नारे लगाते रहे

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